AI रिपोर्ट्स · MIT · 2026-09-29 · ब्लॉग / टिप्पणी
मशीनों से बात करते हुए हम क्या बन जाते हैं
मूल शीर्षक: Who we become when we talk to machines

अपनी नई किताब 'Artificial Intimacy' में MIT की प्रोफ़ेसर Sherry Turkle तर्क देती हैं कि चैटबॉट का उपयोग जीवन के हर चरण में लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से नुकसान पहुँचाता है। अंश में Brian का वर्णन है, जो एक वित्तीय सलाहकार हैं और जिन्होंने चैटबॉट से पूछा कि क्या उनके पूर्व साथी का यह कहना सही था कि वे भावनात्मक रूप से उपलब्ध नहीं रहते। Turkle चेतावनी देती हैं कि लोग मशीन की सहानुभूति को असली सहानुभूति समझ लेते हैं और अपने जीवन के लोगों से मुँह मोड़ लेते हैं।